प्रेस नोट (FORMET)
सुरत मर्कनटाइल ऐसोसिएशन की 207वीं नियमित साप्ताहिक समस्या समाधान मिटिंग का आयोजन व्यापारी भाईयों की निस्वार्थ सेवा में दिनांक 14 सितम्बर 2025 रविवार को प्रातःकाल 09/30 से 10/30 बजे तक माहेश्वरी भवन,वैन्कट हाल, चौथा माला, सीटी लाइट के प्रांगण में “एस एम ए” प्रमुख नरेन्द्र साबू व उनकी पूरी पंच पैनल एवं कोर कमेटी टीम की अगुवाई में आयोजित की गई है।
इस सप्ताह की मिटिंग में 112 व्यापारी भाईयों की सादर उपस्थिति रही और 35 आवेदन पत्र समस्या समाधान हेतु पर सुनवाई हुई जिसमें से 2आवेदन का समाधान तुरंत बातचीत द्वारा किया तथा बकाया आवेदन मामलें पंच पैनल एवं लीगल टीम को सौंप दिये गये हैं जो की समयानुसार समाधान प्रक्रिया में आ जायेंगे।
आज की मीटिंग में सभी व्यापारी भाइयों ने संकल्प लिया कि आने वाले त्योहार दशहरा और दीपावली पर सभी देशवासियों को हिंदुस्तानी समान ही खरीदना है और हिंदुस्तानी समान ही बेचना है जिससे हमारा देश आत्मनिर्भर बने। यह इसलिए भी संभव है कि 140 करोड़ की जनसंख्या है हमारे देश की अगर सभी देशवासी संकल्प ले लें तो हिंदुस्तान के विकास को कोई नहीं रोक सकता और किसी भी बडे देश की धमकी से डरने की जरूरत नहीं है।
आज की मीटिंग में दीपावली पर चल रही ग्राहकी का अवलोकन हुआ इस बार उत्तर भारत में ग्राहकी 12 से 15% कमजोर है और दक्षिण भारत आंध्र प्रदेश तेलंगाना और तमिलनाडु में इस बार दशहरा और दीपावली की ग्राहकी में बहुत उछाल आया है,यानि 15 से 20% की बिक्री बढी है।
आज की मीटिंग के आमंत्रित मुख्य अतिथि चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रीमान आकाश अग्रवाल सादर आमंत्रित थे। आपने जीएसटी की 56वीं काउंसिल मीटिंग में जो नए संशोधन हुए हैं उसके बारे में जानकारी दी, जो कि इस प्रकार है……..
बैठक का मुख्य विषय रहा –
“56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में दरों के सरलीकरण (Rate Rationalisation) का वस्त्र उद्योग पर प्रभाव – विशेषकर सूरत टेक्सटाइल हब पर”।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अधिकृत विधिक सलाहकार सीए आकाश अग्रवाल एवं सीए रितेश सिंगल ने सदस्यों को विस्तार से जानकारी दी। दोनों विशेषज्ञों ने बताया कि –
मैन-मेड फाइबर, यार्न एवं विभिन्न ग्रे फैब्रिक पर जीएसटी की दरें घटाकर 5% कर दी गई हैं, जिससे इनपुट लागत में राहत मिलेगी।
कढ़ाई (Embroidery), लेस, ब्रेड, ट्रिमिंग आदि पर भी अब 5% की दर लागू होगी, जिससे सूरत की कढ़ाई एवं ज़री उद्योग को सीधा लाभ होगा।
रेडीमेड गारमेंट्स एवं मेड-अप्स ₹2500 तक के मूल्य पर 5% रहेंगे, लेकिन ₹2500 से अधिक मूल्य वाले पर जीएसटी 18% हो गया है, जिससे प्रीमियम गारमेंट सेक्टर पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि जहाँ एक ओर वस्त्र उद्योग को फाइबर व यार्न पर दर घटने से राहत मिली है, वहीं उच्च मूल्य वाले गारमेंट पर दर बढ़ने से व्यापारियों को नई रणनीति अपनानी होगी।
सेमिनार के बाद व्यापारी भाइयों ने गारमेंट्स पर 2500 से ऊपर पर 18% जीएसटी को बिल्कुल गलत ठहराया और कहा इससे गारमेंट्स उद्योग को बढ़ावा देने में गतिरोध पैदा होगा। सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए यह सीमा को बढ़ाकर 10000 कर देना चाहिए ₹10000 से ऊपर गारमेंट्स पर ही 18% होनी चाहिए।
सूरत मर्केंटाइल एसोसिएशन में आज बहुत सुंदर आयोजन किया गया जिसके अन्तर्गत उद्योग और प्रतिष्ठानों में कर्मचारी स्टाफ सदस्य जो 25 वर्षौ से लगातार एक ही प्रतिष्ठान पर सेवा दे रहे है, उनका सबका सम्मान किया गया है। आज ऐसे 22 कर्मचारी गणों का सम्मान किया गया जो 25 वर्ष से 42 वर्ष तक लगातार सेवा दे रहे हैं और अभी भी वहां पर काम कर रहे हैं। संगठन ने बताया यह तभी संभव है जब ईमानदारी विश्वसनीयता और परिश्रम से कर्मचारी भाई अपना काम करता है और जो प्रबंधक है उसे अपने परिवार की तरह मानता है और उनका सही तरीके से लालन-पालन करता है तभी यह संभव है।
मीटिंग का समापन स्वादिष्ट शानदार अल्पाहार के साथ समपन्न हुआ।
उपरोक्त मिटिंग में “एस एम ए” परिवार के अशोक गोयल, राजीव उमर,राजकुमार चिरानिया,दुर्गेश टिबडेवाल, मनोज अग्रवाल, राजेश गुरनानी,संदीप अग्रवाल, रामकिशोर बजाज, संजय अग्रवाल,गौरव भसीन, घनश्याम माहेश्वरी,राजकुमार धनानिया, रामअवतार साबू जी आदि सदस्यों की सादर उपस्थिति में समपन्न हुईं है।











